Cooling school bag : राजस्थान की छात्रा का कमाल, अब बच्चों को गर्मी से राहत देगा स्कूली बैग
गर्मी से राहत दिलाने के लिए 7वीं कक्षा की छात्रा ने तैयार किया अनोखा स्कूल बैग
Success Story : भीषण गर्मी में स्कूल जाते समय भारी बैग और तपती धूप से जूझते बच्चों की परेशानी को देखते हुए कक्षा 7 की एक बालिका ने ऐसा अनोखा समाधान खोजा है, जो आने वाले समय में विद्यार्थियों के लिए राहत बन सकता है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बगीचा 48 एनपी की छात्रा आईना पुत्री राजेंद्र कुमार द्वारा तैयार किया गया कूलिंग स्कूल बैग मॉडल इंस्पायर अवार्ड परियोजना के लिए चयनित हुआ है।
चयन के बाद बाल वैज्ञानिक को 10 हजार रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। बाल वैज्ञानिक आईना ने अपने मार्गदर्शक शिक्षक वेदप्रकाश और मनीष कुमार भोभरीया के निर्देशन में यह अभिनव मॉडल तैयार किया है।
ऐसे काम करता है कूलिंग बैग
इस बैग की खासियत यह है कि इसे दोहरी परत वाली संरचना में बनाया गया है। दोनों परतों के बीच नारियल के छिलके, जूट फाइबर या थर्मोकोल जैसी प्राकृतिक इन्सुलेटिंग सामग्री रखी गई है, जो बाहरी गर्मी को बैग के अंदर जाने से रोकती है। बैग के अंदर छोटी छोटी जेबें भी बनाई गई हैं, जिनमें जमे हुए पानी के पाउच या पुनः
उपयोग योग्य जेल पैक रखे जा सकते हैं।
ये जेल पैक लगभग 3 से 4 घंटे तक बैग के अंदर ठंडक बनाए रखते हैं, जिससे बच्चों के भोजन, पानी की बोतल और किताबें तेज गर्मी से सुरक्षित रहती हैं। बैंग के बाहरी हिस्से पर पुनर्चक्रित सामग्री से बनी परावर्तक शीट लगाई गई है, जो सूर्य की किरणों को परावर्तित कर बैग को अत्यधिक गर्म होने से बचाती है। इसके अलावा बैग के पिछले हिस्से में हवादार जालीदार कपड़ा और एक छोटा बैटरी से चलने वाला पंखा भी लगाया गया है, जिससे छात्र की पीठ के पास हवा का संचार बना रहता है और गर्मी से राहत मिलती है।
विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य मनीष कुमार भोभरीया ने बताया कि यह मॉडल कम लागत में तैयार किया जा सकता है और इसमें अधिकांश सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध या पुनर्चक्रित वस्तुओं से ली जा सकती है। उनका कहना है कि यह नवाचार गर्म क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है और गर्मी से जुड़ी समस्याओं का एक व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करता है।

