Rajasthan Drinking Water Project : राजस्थान की इस पेयजल परियोजना पर गहराया बजट संकट, 72 गांवों को अब भी पानी का इंतजार
राजस्थान के जवाई बांध से शिवगंज तहसील के 72 गांवों को पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए स्वीकृत करीब 292.51 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी परियोजना निर्धारित समय सीमा के एक वर्ष बाद भी अधूरी पड़ी है।
योजना के विलंब से क्षेत्र के कई गांवों में आज भी गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। खासकर आठ गांव और 13 ढाणियां अब भी हैंडपंपों पर निर्भर है, जहां भूजल स्तर गिरने से लोगों को दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
शिवगंज क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के प्रयासों से इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी। योजना के तहत जवाई बांध का पानी पाइपलाइन के जरिए 72 गांवों तक पहुंचाया जाना है। परियोजना के लिए सरकार की ओर से 159.93 करोड़ रुपए का कार्यादेश जारी किया गया था।
अप्रेल 2025 तक पूरा होना था कार्य, अब भी अधूरा
वर्ष 2023 में योजना का शिलान्यास किया गया था और अप्रैल 2025 तक पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन वर्तमान में इसका अधिकांश कार्य अधूरा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसके अगले दो वर्षों में भी पूरा होने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
बजट के अभाव में रेंग रहा कार्य
सूत्रों के मुताबिक बजट के अभाव में ठेकेदार को भुगतान नहीं हो पाने से कार्य प्रभावित हुआ है। जिन एजेंसियों को उपठेका दिया गया, उन्हें भी भुगतान नहीं मिल पाया, जिससे पिछले एक वर्ष से काम रेंग रहा है।
अब तक केवल 65 प्रतिशत कार्य पूरा
जवाई पाइप लाइन के सहायक अभियंता केदार गुप्ता ने बताया कि अभी तक परियोजना का लगभग 65 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। शेष कार्य के लिए पर्याप्त वित्तीय उपलब्धता और प्रभावी मॉनिटरिंग की आवश्यकता है। इस योजना का 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका हैं। एक साल से बजट के अभाव में कार्य की गति कम हुई हैं।
सिरोही-शिवगंज के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि मैंने प्रयास कर इस योजना को स्वीकृत करवाया था। दो साल में यह कार्य पूरा हो जाना चाहिए था। सरकार की इच्छाशक्ति का ही अभाव है कि बजट का आवंटन नहीं किया जा रहा हैं। समय पर योजना पूरी हुई होती तो ग्रामीणों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

