E-Visitor Portal : राजस्थान के इस शहर में होटल व धर्मशालाओं में रुकने वाले लोगों का डाटा होगा आनलाइन, ई-विजिटर पोर्टल शुरू
अपराधी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राजस्थान पुलिस द्वारा अहम कदम उठाया है। इसके तहत कोटा में पुलिस विभाग ने ई-विजिटर पोर्टल और ई-विजिटर एप लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब शहर के सभी होटल और धर्मशाला संचालकों को अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे पुलिस को शहर में आने-जाने वाले लोगों की सटीक और अद्यतन जानकारी मिल सकेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अक्सर अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरे शहरों में जाकर होटल या धर्मशालाओं में छिप जाते है। ऐसे मामलों में उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने में समय लगता है, लेकिन ई-विजिटर पोर्टल लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाएगी। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना मिलते ही पुलिस सीधे उस होटल या धर्मशाला तक पहुंच सकेगी, जहां वह ठहरा हुआ है।
कैसे काम करेगा ई-विजिटर पोर्टल सिस्टम
ई-विजिटर पोर्टल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे विशेष रूप से होटल और धर्मशाला संचालकों के लिए तैयार किया गया है। जब कोई व्यक्ति ठहरने के लिए आता है, तो संचालक को उसका नाम, स्थायी पता, पहचान पत्र का विवरण (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस), मोबाइल नंबर और यात्रा से संबंधित जानकारी पोर्टल या एप में दर्ज करनी होगी।
इसके साथ ही मेहमान की फोटो भी अपलोड की जाएगी, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित हो सके। यह सभी जानकारी सीधे पुलिस के केंद्रीय सर्वर पर सुरक्षित रूप से पहुंच जाएगी। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड या संदिग्ध गतिविधि दर्ज है, तो सिस्टम के जरिए पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल सकता है। इससे पुलिस को समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
हर क्षेत्र में होगा सख्त अनुपालन
पुलिस विभाग ने शहर के सभी वृताधिकारी, सीआइ को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले सभी होटल और धर्मशालाओं में ई-विजिटर एप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करवाएं। साथ ही संचालकों को इसके उपयोग के बारे में प्रशिक्षित भी किया जा रहा है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के मेहमानों का डेटा सही तरीके से अपलोड कर सकें। इसके अलावा पुलिस समय-समय पर इन संस्थानों का निरीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद
कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि इस डिजिटल पहल से रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से पुलिस की निगरानी क्षमता बढ़ेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी। साथ ही किसी भी घटना के बाद जांच प्रक्रिया भी अधिक तेज और सटीक होगी। ई-विजिटर पोर्टल के जरिए पारदर्शिता बढ़ेगी और होटल-धर्मशालाओं का दुरुपयोग करने वाले अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। इससे आम नागरिकों को भी अधिक सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा और शहर की कानून-व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

