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FIR पर आर-पार: राहुल गांधी ने जिसे "शेरनी" कहा उस रितु बराला के लिए डोटासरा-जूली सहित पूरी राजस्थान कांग्रेस रातभर से धरने पर

 

Rudra News Express Jaipur. 

रात के वक्त का एक फोटो है। हॉल में पुरुष जमीन पर गद्दे लगाए सो रहे हैं। दूसरी तरफ कुछ इसी तरह महिलाएं जैसे-तैसे सोने की जगह बनाकर रात काटती नजर या रही। बात दें,  ये कोई शादीवाला घर नहीं है जहां मेहमान ज्यादा होने से एक ही हॉल में गद्दे लगाकर सोये हों। ये जयपुर पुलिस  कमिश्नरेट है और सोए हुए लोग राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं। इनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री  प्रतापसिंह खाचरियावास सहित कई नेता और महिला नेत्रियां भी शामिल हैं। 

ऐसा नहीं है कि इन्हें पुलिस ने किसी अपराध या प्रदर्शन के कारण हिरासत में लिया है। ये एक FIR करने की मांग लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने FIR नहीं की तो वही बैठ गए। रात गहराई तो यहीं सो गए। सुबह का चाय, नाश्ता भी यहीं हुआ। अब भी बैठे हैं और बाहर भीड़ बढ़ती जा रही हैं। नारे लग रहे हैं। मांग सिर्फ एक है, दिल्ली में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला के साथ मारपीट के मामले में जीरो FIR दर्ज की जाए।

अब जानिए मामला क्या है : 

इस पड़ाव की कहानी शुरू होती है 13 अक्टूबर को दिल्ली से।  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI के प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सचिव रितु बराला और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ। 

रितु बराला और उनके साथियों को पुलिस ने बस में बैठाया। इसके बाद बस में महिला पुलिसकर्मी और उनके बीच मारपीट की वीडियो देशभर में वायरल हुआ। रितु का आरोप है कि कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में भी उनके साथ मारपीट हुई। बाल खींचे, थप्पड़ मारे, अभद्र टिप्पणियां की। प्राइवेट पार्ट्स पर भी चोट पहुंचाई। शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। 

14 अक्टूबर को राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु ने अपनी आपबीती सुनाई थी। उस दौरान राहुल गांधी ने उन्हें 'शेरनी' कहकर संबोधित किया था। रितु ने यहाँ राहुल गांधी की मौजूदगी में कहा, डर नहीं लगता। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा।

कहानी का जयपुर कनेक्ट मोड़ : 

इस पूरे घटनाक्रम में जयपुर कनेक्ट तब हुआ जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा को फोन किया। राहुल गांधी ने रितु सहित कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में फोन कर डोटासरा से बात की। इस बातचीत का वीडियो भी वायरल हुआ। राहुल ने कहा, इस मामले में जयपुर में FIR दर्ज करवाओ।  

यहाँ बताते चलें कि ऋतु बराला राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं और NSUI यानी भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की राष्ट्रीय सचिव हैं। वे राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय हैं और फिलहाल जयपुर में रहती हैं।

राजस्थान कांग्रेस थाने में : 
 

राहुल गांधी के फोन के बाद राजस्थान कांग्रेस एक्शन मोड में आ गई।। रितु बराला सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कानूनी टीम के साथ जयपुर के मोतीडूंगरी थाने पहुंचीं। शिकायत दी गई, लेकिन वहां FIR दर्ज नहीं हुई और उन्हें पुलिस कमिश्नरेट जाने के लिए कहा गया।

इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार शाम करीब 6 बजकर 15 मिनट पर कमिश्नरेट पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा सहित अन्य नेता भी थे।

धरना लगा, रात हुई, गद्दे बिछे, सुबह का चाय-नाश्ता यहीं : 
 

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से मुलाकात नहीं हो सकी। डोटासरा ने फोन पर उनसे बात की और जीरो FIR दर्ज करने की मांग रखी। कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया "FIR दर्ज हुए बिना वे वापस नहीं जाएंगे। और देखते ही देखते पुलिस कमिश्नरेट धरनास्थल में बदल गया।"

रात हुई तो कांग्रेस नेताओं ने कमिश्नरेट परिसर में ही गद्दे बिछा लिए। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रताप सिंह खाचरियावास और दूसरे नेता वहीं सोए। सुबह की चाय वहीं पी और नाश्ता भी धरनास्थल पर ही किया। डोटासरा ने कहा कि भूखे-प्यासे बैठकर राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने आए हैं।

उन्होंने पुलिस पर FIR दर्ज करने में टालमटोल करने का आरोप लगाया। FIR दर्ज करवाने के लिए यह लगभग वैसा ही प्रदर्शन जैसा राहुल गांधी ने दिल्ली में किया था। 

बाहर सड़क पर बढ़ रहा संघर्ष : 

दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मोर्चा संभाला। कमिश्नरेट के बाहर वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गाये। लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है।

नारे लग रहे हैं  'FIR दर्ज करो', 'राजस्थान की बेटी को न्याय दो!' बैरिकेडिंग से कार्यकर्ताओं को दूर करने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई। गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे और एमआई रोड की तरफ यातायात भी प्रभावित हुआ। यानी एक शिकायत पर शुरू हुआ विवाद अब सड़क से लेकर पुलिस मुख्यालय तक राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।

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