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Footballer Girls Village : बीकानेर में देश का पहला ऐसा गांव जहां फुटबॉलर लड़कियों के लिए 04 खेल मैदान, गर्ल्स हॉस्टल

 
राजस्थान की गर्ल्स फुटबॉल टीम में ज्यादातर लड़कियां बीकानेर के इस गांव की

बीकानेर जिले के ढींगसरी गांव से एक सुकूनदायी तस्वीर सामने आई है। तस्वीर यह है कि केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत इस गांव के एक फुटबॉल मैदान में बॉल पर किक लगाते है। तालियां बजती हैं। इसके साथ ही फुटबॉल खेल मैदान में उद्घाटन हो जाता है। यहां तक सब बातें सामान्य हैं लेकिन इससे आगे की बात यह है कि यह ऐसा गांव हैं जहां 135 लड़कियां फुटबॉल खेलती-सीखती हैं। इनमें से कुछ का नेशनल फुटबॉल टीम में सलेक्शन हुआ है। राजस्थान की महिला फुटबॉल टीम में अधिकांश लड़कियां इसी गांव की है। ऐसे में इस गांव में ‘फुटबॉलर गर्ल्स विलेज’ भी कहा जाने लगा है।

जानिए क्यों खास है ढींगसरी गांव : 

दरअसल रविवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने ढींगसरी गांव में एक साथ चार खेल मैदान और यहां खेलने वाली लड़कियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन किया। यह गांव देशभर के लोगों की नजर में तब आया जब राजस्थान की महिला टीम ने नेशनल फुटबॉल जीता। इस टीम में अधिकांश लड़कियां इसी गांव की है। पता चला कि यह अर्जुन अवार्डी फुटबॉलर मगनसिंह राजवी का गांव है। राजवी की देखरेख में उनके बेटे फुटबॉल कोच विक्रमसिंह राजवी ने अपने पैसे 08 बीघा जमीन खरीदकर पिता के सपने को पूरा करने गांव की लड़कियों को फुटबॉल की प्रेक्टिस शुरू करवाई। इसके बाद परिवार की जमीन को भी इसमें जोड़ दिया। मेहनत रंग लाई और राजस्थान की महिला टीम 60 साल में पहली बार विजेता बनी और वह भी इस गांव के खेल की बदौलत। ऐसे में इस गांव को अब फुटबॉल वाला गांव या फुटबॉलर गर्ल्स का गांव कहा जाने लगा है।

पहले जानें बेटियों की उपलब्धि : 

ढींगसरी में चल रही फुटबाल एकेडमी की मुन्नी भांभू का चयन अंडर-16 भारतीय टीम में हुआ और उन्होंने रजत पदक विजेता टीम में अहम भूमिका निभाई। वे अब अंडर-17 टीम का हिस्सा हैं। दुर्गा कंवर का चयन अंडर-17 भारतीय टीम कैंप में हुआ है। भूटान में चल रही प्रतियोगिता में भी यहां की बालिका टीम हिस्सा ले रही है। नेशनल टूर्नामेंट में एकेडमी की 12 खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राजस्थान को 60 साल बाद विजेता बनाया।

देवीसिंह भाटी का साथ मिला, लोग जुड़े :

जब ढींगसरी की बेटियों ने देशभर का ध्यान खींचा तो यहां के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों ने भी प्रोत्साहन के लिए हाथ बढ़ा दिया। नेशनल जीत के बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी व सहयोगियों ने 17.83 लाख रुपए से मैदानों के कायाकल्प की शुरुआत की। नोखा के सुभाष भूरा ने हॉस्टल बनवाया। बीकानेर नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष, भाजपा नेता महावीर रांका, बीकाजी ग्रुप के दीपक अग्रवाल सहित अन्य दानदाताओं ने तीन घास व एक बालूरेत मैदान बनवाया। खेल सामग्री, ड्रेस और खाने जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाईं।

खुशी में बजी तालियां : 

रविवार को जब केन्द्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यहां खेल मैदान, हॉस्टल के उद्घाटन किया तो देर तक जो तालियाँ बजती रहीं वे खिलाड़ी लड़कियों की उपलब्धि की खुशी बयान कर रही थी। इस मौके पर कोलायत विधायक अंशुमानसिंह भाटी, मगनसिंह राजवी, भाजपा नेता महावीर रांका, कोच विक्रम सिंह राजवी, सरपंच धर्मवीरसिंह आदि मौजूद रहे।

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