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Inter Discom Transfer Policy: पूरी सेवा दूसरे जिलों में, अब भी निर्णय में देरी से कर्मचारियों की चिंता बढ़ी 

 

Rudra News Express Jaipur.

राजस्थान में तबादलों का दौर चल रहा है। इस बीच हजारों कर्मचारी ऐसे भी हैं जो सालों से एक ही जगह सिर्फ इसलिए बैठे हैं क्योंकि सरकार इनकी तबादला नीति नहीं बना पाई है। हालांकि इसके लिए बार बार बात हो रही है। कमेटी बनी है। मीटिंग भी हो गई लेकिन मीटिंग में क्या हुआ इससे कर्मचारी अनभिज्ञ हैं।

दरअसल यहां बात हो रही है राजस्थान के बिजली निगमों में काम कर रहे कर्मचारियों की। 

राजस्थान के बिजली निगमों में लंबे समय से प्रतीक्षित इंटर-डिस्कॉम स्थानांतरण नीति को लेकर हजारों कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन निर्णय में हो रही देरी और आधिकारिक जानकारी के अभाव ने कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।

सरकार की ओर से इस संबंध में समिति का गठन और बैठक होने के बावजूद अब तक नीति का प्रारूप, प्रगति रिपोर्ट या लागू करने की समय-सीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि समिति की पहली बैठक हो चुकी है तो उसके निष्कर्ष और आगामी कार्ययोजना सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका मानना है कि कर्मचारी हित से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय में पारदर्शिता आवश्यक है, ताकि भ्रम और अटकलों की स्थिति समाप्त हो सके।

वर्षों से लंबित है मांग :

बिजली निगमों के कई कर्मचारी वर्षों से अपने गृह डिस्कॉम से दूर सेवाएं दे रहे हैं। इससे उनके पारिवारिक जीवन, बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और आर्थिक व मानसिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि समान अवसर और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर इंटर-डिस्कॉम स्थानांतरण नीति लागू होने से न केवल कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि विभागीय कार्यकुशलता और मनोबल में भी सुधार होगा।

देरी के कारण स्पष्ट करने की मांग :

कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि यदि सरकार सिद्धांततः इस नीति के पक्ष में है तो निर्णय किस स्तर पर लंबित है। यदि प्रशासनिक, कानूनी, वित्तीय या तकनीकी बाधाएं हैं तो उनका आधिकारिक रूप से खुलासा किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बना रहे।

कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें :

  • समिति की पहली बैठक की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
  • नीति निर्माण की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए।
  • यदि कोई बाधा है तो उसका आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए।
  • इंटर-डिस्कॉम स्थानांतरण नीति लागू करने की निश्चित समय-सीमा घोषित की जाए।
  • निर्णय प्रक्रिया की नियमित जानकारी कर्मचारियों के साथ साझा की जाए।

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