राजस्थानी की उपेक्षा से प्रदेश के भाषा प्रेमी, आम लोग नाराज
Jul 19, 2026, 10:42 IST
आरएनई, बीकानेर
राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता व दूसरी राजभाषा बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। महामहिम के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा के केंद्र खोलने के आदेश के बाद से ही यह मांग जोर पकड़ गयी है।
राजस्थानी युवा लेखक संघ के प्रदेधाध्यक्ष, साहित्यकार कमल रंगा ने एक बयान में मांग की है कि राजस्थानी भाषा के विभाग प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में अविलम्ब खोले जाएं। अन्य किसी भाषा के केंद्र खोले जाते हैं तो एतराज नहीं, मगर राजस्थानी के भी केंद्र खोले जाएं।
रंगा ने मुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री से मांग की है कि प्राथमिक स्कूलों से विश्विद्यालयों तक राजस्थानी पढ़ाने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि भाषा हमारी अस्मिता से जुड़ी हुई है, इस कारण इस मसले को गंभीरता से लिया जाये।

