जयपुर में भीषण आग: 25 दुकानें धधकीं, 4 KM तक असर; बाजार जाम, 5 सिलेंडर मिले
3 मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में चूड़ी के गोदाम से भड़की आग, कपड़े-कोस्मेटिक-प्लास्टिक का सामान जला; बड़ी चौपड़ से जौहरी बाजार तक जाम
Rudra News Express Jaipur.
जयपुर स्थित माणक चौक क्षेत्र के सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह लगी भीषण आग ने पुराने शहर के करीब 4 किलोमीटर क्षेत्र को प्रभावित कर दिया। आग के कारण बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार में जाम के हालात बन गए। कॉम्प्लेक्स में कपड़े और कॉस्मेटिक की दुकानों में आग फैलने से हालात बेकाबू हो गए। वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचकर आग बुझाने में भारी परेशानी हुई। आग बुझाने के लिए कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी करनी पड़ी। आग की चपेट में आने से पास की एक दुकान की दीवार भी टूटकर गिर गई।

मणिहारों का कटला स्थित तीन मंजिला सेठी कॉम्प्लेक्स में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 25 दुकानों को चपेट में ले लिया। दूसरी मंजिल स्थित चूड़ियों के गोदाम में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग करीब 8 घंटे तक धधकती रही। कॉम्प्लेक्स में कपड़े, प्लास्टिक, कॉस्मेटिक और चूड़ियों का सामान होने से आग तेजी से फैलती गई। आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया और इसका असर करीब 4 किलोमीटर क्षेत्र तक दिखाई दिया।
पुरोहितजी का कटला बंद, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार , त्रिपोलिया बाजार में जाम :
आग की सूचना मिलते ही माणक चौक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 8 बजे दमकल की गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। कॉम्प्लेक्स में रखे पांच कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों को भी तत्काल बाहर निकाला गया। आग के कारण पूरे इलाके की बिजली बंद कर दी गई। पुरोहितजी का कटला समेत आसपास के बाजारों की कई दुकानें नहीं खुलीं। बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार में यातायात प्रभावित रहा और जाम की स्थिति बनी रही।
गोदाम में फंसे गार्ड ने ताला तोड़कर बचाई जान :
प्रत्यक्षदर्शी गार्ड विक्रम सिंह के अनुसार छोटू भाई के मणिहारी सामान के गोदाम में शॉर्ट सर्किट के बाद आग लगी। उस समय वह तीन सफाईकर्मियों के साथ अंदर था। आग बढ़ने पर उन्होंने ताला तोड़ा, शटर उठाया और बाहर निकलकर जान बचाई। शटर गर्म होने से उनका हाथ भी झुलस गया।
फायर सिस्टम बंद होने के आरोप :
आग के बाद कॉम्प्लेक्स की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। स्थानीय व्यापारी अनीस चंदवानी ने आरोप लगाया कि बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर अवैध रूप से रेस्टोरेंट और होटल का निर्माण कराया जा रहा है और इसके लिए सुबह वेल्डिंग का काम भी होता था। उनका कहना है कि स्थानीय व्यापारी और लोग पहले भी इसका विरोध कर चुके हैं।
माणक चौक थाना अधिकारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। बरामदों में रखा कपड़े का सामान भी आग की चपेट में आया। बिल्डिंग की फायर एनओसी की जांच की जाएगी।

वेंटिलेशन नहीं होने से आग बुझाने में मुश्किल :
एसीपी पीयूष कविया ने बताया कि आग काफी फैल गई थी। बिल्डिंग में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर तक पहुंचने में परेशानी हुई। कपड़े और कॉस्मेटिक के सामान में आग रुक-रुककर भड़क रही थी। आग पर काबू पाने के लिए कुछ हिस्सों में मजबूरी में तोड़फोड़ करनी पड़ी। करीब 30 दमकल और 50 कर्मचारी आग बुझाने में जुटे रहे।

विधायकों ने उठाए फायर सेफ्टी पर सवाल :
किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने करीब पौने तीन साल में एक बार भी फायर सिस्टम की जांच नहीं की। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों से जयपुर के हेरिटेज स्वरूप को भी नुकसान पहुंच रहा है।

हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने फायर सिस्टम की स्थिति के बावजूद एनओसी दिए जाने के मामले की जांच की मांग की। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान स्मार्ट सिटी के नाम पर हुए करोड़ों रुपए के कामों और उनके उपयोग की जांच की बात कही।
बिल्डिंग मालिक आनंद सेठी बताए गए हैं। आग के वास्तविक कारण, फायर सेफ्टी व्यवस्था और एनओसी की स्थिति की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

