Minining Revenue Rajasthan : इतिहास में पहली बार, खनिज राजस्व 10 हजार करोड़ पार
जैसलमेर, नागौर और करौली जिलों के अधिकारियों का प्रदर्शन सबसे शानदार
मार्च में 1506 करोड़ का राजस्व संग्रहण का नया रेकार्ड
गत वित्तीय वर्ष से 1163.73 करोड़ रु. अधिक राजस्व जमा
RNE Jaipur.
राजस्थान के खनिज विभाग ने इतिहास में पहली बार दस हजार करोड़ रुपये के राजस्व का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान रचा है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 13 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ 10 हजार 394 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि यह पिछले साल की तुलना में एक हजार 163 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने बताया कि सिर्फ मार्च महीने में ही एक हजार 506 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जमा हुआ है, जो अब तक का किसी एक महीने का सबसे बड़ा संग्रहण है। लक्ष्यों को प्राप्त करने में जैसलमेर, नागौर और करौली जिलों के अधिकारियों का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा।
लक्ष्यों के विरुद्ध सर्वाधिक एमई जैसलमेर वेदप्रकाश ने 208.99 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है। लक्ष्यों के विरुद्ध सौ प्रतिशत से अधिक राजस्व संग्रहण करने वालों में एमई नागौर जयप्रकाश गोदारा, एमई करौली पुष्पेन्द्र सिंह मीणा , एएमई सलूंबर गोविन्द्र सिंह मीणा, एमई बूंदी सहदेव सहारण, एएमई सावर मनोज तंवर, एएमई कोटपूतली अमीचंद दुहरिया, एएमई चुरु नौरंग लाल, एमई जोधपुर भगवान सिंह शामिल है।
दरअसल राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पास ही खान विभाग है। ऐसे उनके सीधे दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन में राजस्थान के माइनिंग सेक्टर ने 13 प्रतिशत की विकास दर के साथ राजस्व अर्जन का नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं माइंस विभाग के भी मंत्री है और नियमित समीक्षा के माध्यम से माइनिंग सेक्टर को लगातार नई दिशा दे रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा ने बताया कि हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में आरंभिक सूचनाओं के अनुसार खान विभाग ने 10 हजार 394 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है। वर्ष 2025-26 में राज्य के माइनिंग सेक्टर में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राज्य के खान विभाग की राजस्व अर्जन की यह उपलब्धि अपने आप में महत्वपूर्ण हो जाती है।
एसीएस माइंस एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोरा वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खान विभाग के राजस्व अर्जन के आंकड़ों की समीक्षा कर रही थी। वर्ष 2025-26 में इससे पूर्व के वित्तीय वर्ष की तुलना में 1163 करोड़ 73 लाख रुपए अधिक राजस्व जमा हुआ है। 10 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व संग्रहण का आंकड़ा पहलीबार माइनिंग सेक्टर ने पार किया है। इसी तरह से मार्च के माह में पहलीबार 1506 करोड़ रु. से अधिक राजस्व जमा हुआ है यह अब तक का किसी एक माह के राजस्व संग्रहण में भी सर्वाधिक है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग की यह उपलब्धि नियमित मोनेटरिंग, संभावित राजस्व अर्जन के क्षेत्रों पर फोकस, समन्वित प्रयासों व टीम भावना से संभव हो पाई है। उन्होंने इसके लिए विभाग के उच्च स्तर से फील्ड स्तर तक के सभी अधिकारियों व कार्मिकों की पीठ थपथपाते हुए बधाई दी है।
अपर्णा अरोरा ने बताया कि 2021-22 में माइंस विभाग का सालाना राजस्व अर्जन 6394. 89 करोड़, अगले वर्ष 7213.14 करोड़, इसके अगले वर्ष 7438.92 करोड़ और इसके बाद गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में अधिकतम 9228.21 करो़ड़ रु. का राजस्व जमा हुआ था।
अरोरा ने बताया कि माइंस विभाग का यह रेकार्ड इस मायने में महत्वपूर्ण हो जाता है कि इस वित्तीय वर्ष में अपरिहार्य कारणों से ऑक्शन व खनन गतिविधियों के प्रभावित होने सहित कई विपरीत हालात के बावजूद नियमित मोनेटरिंग और राजस्व अर्जन के संभावित क्षेत्रों पर वसूली के प्रयासों से यह परिणाम प्राप्त हो सके हैं।

