Monsoon Rajasthan: सड़कों पर दरिया नाले उफने; स्कूल में घुसा पानी, 30 से ज्यादा बच्चों का रेस्क्यू
Rudra News Express Jaipur- Bikaner.
Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून पूरी तरह एक्टिव है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। झालावाड़ के कालीसिंध और कोटा के नोनेरा ऐबरा बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई है। झालावाड़ में बारिश का पानी सरकारी स्कूल में घुसने के बाद 30 से ज्यादा विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं कोटा कृषि मंडी में भी पानी भर गया।
राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई जिलों में रविवार से सोमवार तक झमाझम बारिश हुई। भारी बारिश के कारण बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा है, कई बांध छलक गए हैं और नाले उफान पर हैं। कई जगह सड़कें दरिया में तब्दील होती नजर आईं।

दो बड़े बांधों के गेट खोले :
कोटा में राम जल सेतु लिंक परियोजना के नोनेरा ऐबरा बांध का जलस्तर 214.50 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद सोमवार दोपहर बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई।
वहीं झालावाड़ जिले में तेज बारिश के बाद कालीखाड़ डैम ओवरफ्लो हो गया। डैम पर करीब 6 इंच की चादर चल रही है। कालीसिंध क्षेत्र में भी जलस्तर बढ़ने के बाद गेट खोलकर पानी की निकासी की गई।

स्कूल में घुसा बारिश का पानी, 30 से ज्यादा बच्चों का रेस्क्यू :
झालावाड़ जिले में बारिश ने हालात बिगाड़ दिए। मनोहर थाना क्षेत्र के झीकनी गांव स्थित सरकारी स्कूल में बारिश का पानी घुस गया। स्कूल में मौजूद 30 से ज्यादा विद्यार्थियों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रायपुर क्षेत्र के कचराखेड़ी गांव में भी स्कूल परिसर में पानी भरने के बाद बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कोटा कृषि मंडी में जलभराव :
तेज बारिश का असर कोटा में भी दिखाई दिया। कृषि मंडी समेत कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्रीडूंगरगढ़ और बाड़मेर में सड़कें बनीं दरिया :
राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में भी बारिश ने असर दिखाया। बाड़मेर में तेज बारिश के बाद सड़कों पर नदी की तरह पानी बहता नजर आया। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में भी बारिश के बाद सड़कें जलमग्न हो गईं। इससे पहले रविवार को जयपुर का कानोता बांध छलक गया था।
इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश :
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
- बारां के शाहबाद में 48 MM
- बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में 37 MM
- हनुमानगढ़ के भादरा में 31 MM
- जोधपुर के भोपालगढ़ में 30 MM
- सिरोही के माउंट आबू में 25 MM
- श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में 24 MM
- हिंदूमलकोट में 17 MM
जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में भी बारिश हुई। अजमेर, दौसा, टोंक और उदयपुर सहित कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे और बीच-बीच में हल्की बारिश एवं बूंदाबांदी हुई।
बारिश से तापमान में गिरावट :
बारिश के चलते प्रदेश के कई शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। नागौर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और प्रतापगढ़ में तापमान करीब 2 डिग्री तक गिरा।
हालांकि बाड़मेर प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जैसलमेर में 38.3, चूरू में 35, जालोर में 34.7 और बीकानेर में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
13 अगस्त तक बारिश का दौर :
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में बना लो-प्रेशर सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है।
इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 10 और 11 अगस्त को राजस्थान के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश तथा कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है।
बारिश का दौर 13 अगस्त तक जारी रह सकता है। 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कम होने लगेंगी, जबकि 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में भी बारिश में कमी आने की संभावना है।

