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जयपुर की टूटी फूटी सड़के लील रही है लोगों की जिंदगियां, 3 साल में 124 से अधिक लोगों की गई जान

 
MP News: राजस्थान की टूटी-फूटी सड़के पूरे राज्य की परेशानियां बढ़ा रही है। केंद्र सरकार के एक रिपोर्ट में बताया गया कि राजस्थान में सड़क दुर्घटना की वजह से 2020 से 2022 के बीच 11635 लोगों की जाने जा चुकी है।
राजस्थान के जयपुर में 287 सड़क हादसे हुए जिसमें 124 लोगों की मौत हो चुकी है। राजस्थान को देश के उन नौ प्रमुख राज्यों में शामिल किया गया है जहां सड़क पर गड्ढों की वजह से दुर्घटनाएं हो रही है और लोगों की जान जा रही है।
विभाग ने क्या दावा किया
राज्य सरकार के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग ने पहले दावा किया था कि अगर कोई सड़क निर्धारित समय सीमा से पहले 30 प्रतिशत से ज्यादा खराब होती है, तो ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड  तय किया गया था, जिसमें ठेकेदार को सड़क की मरम्मत करनी होती है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि न तो सड़कों की गंभीरता से जांच हुई और न ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई।
सड़कों की मांगी गई थी सूची
पिछले साल विभाग के द्वारा सभी नगर निकायों, विकास प्राधिकरणों से DLP में आने वाली सड़कों की सूची मांगी थी। पर अधिकतर निकायों ने सिर्फ औपचारिकता निभाई। ठेकेदार इन सड़कों को DLP से बाहर करवाने के लिए मौसम और बारिश जैसे बहाने बना रहे हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है 
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी जयपुर की सड़कों की दुर्दशा पर चिंता जताई है। मानसून के दौरान जलभराव, उफनते सीवर और सड़कों की टूट-फूट से जनता को भारी परेशानी हो रही है। कोर्ट ने घटिया निर्माण सामग्री, तकनीकी लापरवाही और बिना जांच बिल पास करने वालों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।

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