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Rajasthan-MP Connectivity : नमो भारत रैपिड ट्रेन से राजस्थान की होगी महाकाल की नगरी उज्जैन से कनेक्टिविटी, रेल मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार

राजस्थान की मध्यप्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन से सीधी कनेक्टिविटी के लिए रेलवे विभाग द्वारा योजना तैयार की जा रही है
 

राजस्थान की मध्यप्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन से सीधी कनेक्टिविटी के लिए रेलवे विभाग द्वारा योजना तैयार की जा रही है। इस योजना के बाद राजस्थान से महाकाल की नगरी उज्जैन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने वाली है। इस योजना का पहले सर्वे हो चुका है और राजस्थान के कोटा से महाकाल की नगरी उज्जैन के बीच में नमो भारत रैपिड ट्रेन के अनुरूप माना है।

रेलवे विभाग की तरफ से इसको मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय को भेजा हुआ है। जहां से मंजूरी मिलने के बाद राजस्थान व एमपी के बीच में फास्ट कनेक्टिविटी हो जाएगी।  रेलवे ने कोटा से रैपिड रेल संचालन के बारे में जानकारी मांगी गई थी। कोटा मंडल ने इस मार्ग पर रैपिड रेल चलाने को उचित बताया था।

लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर राजस्थान से मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाने और कोटा को सीधे महाकाल की नगरी उज्जैन से जोड़ने के लिए कोटा से नमो भारत रैपिड ट्रेन के संचालन की योजना रेलवे मंत्रालय को दी थी। दोनों शहरों के बीच नमो भारत रैपिड ट्रेन इस मार्ग के मापदंडों के हिसाब से सबसे उचित है।

गत वर्ष के केन्द्रीय बजट के अनुसार 2026 के बजट में देश में 50 नमो भारत, 100 अमृत भारत और 200 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जाना है। ऐसे में इस बार कोटा समेत इसके रेल मंडल के स्टेशनों को भी इसका लाभ मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, नमी भारत ट्रेन और अमृत भारत ट्रेनों के अलॉटमेंट से कोटा को भी इसका लाभ मिलना चाहिए, लेकिन अभी तक ट्रेन संचालन के प्रस्ताव को अनुमति नहीं मिल सकी है। ऐसे में लोगों और जनप्रतिनिधियों को रेल मंत्रालय से इस ट्रेन के संचालन की अनुमति मिलने का इंतजार है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस रैपिड रेल

नमो भारत रैपिड रेल 100 से 250 किमी के बीच दो बड़े शहरों के बीच संचालित की जाती है। ट्रेन की क्षमता करीब 3,100 यात्रियों की है। इसमें से 1,100 यात्रियों को ले जाने और करीब 2,000 यात्री खड़े होकर सफर कर पाएंगे। मेट्रो ट्रेन जैसी सुविधा वाली ट्रेन में सीटिंग काफी बेहतर है।

इसमें ट्रेन में खड़े रहने वाले यात्रियों के लिए सुविधाओं के साथ अत्याधुनिक सेंसर, स्मोक सैसर, एलईडी लाइटिंग, ऑटोमैटिक स्लाडिंग गेट, टॉकबैंक सिस्टम के जरिए डिब्बों में यात्रियों से सीधे लोको पायलट से बात करने की सुविधा, मोबाइल और लेपटॉप चार्जर, सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक इंटीरियर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

कोटा रेल मंडल सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे बोर्ड की ओर से अभी तक कोटा से उज्जैन रैपिड रेल चलाने के बारे में कोई आदेश नहीं आए हैं।

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