Movie prime

New Rail Line : राजस्थान में नई रेल लाइन से फलोदी, जैसलमेर, बीकानेर से अहमदाबाद की दूरी घटेगी

फलोदी-समदड़ी नई रेल लाइन की लंबे समय से लंबित मांग को मजबूती से रखने के बाद क्षेत्र में उम्मीदें फिर से जाग गई हैं

 

राजस्थान में नई रेल लाइन बनाने की उम्मीद जगी है। इस रेलवे लाइन के निर्माण के बाद राजस्थान की दूसरे राज्यों से दूरी काफी कम हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और विधायक पब्बाराम विश्नोई द्वारा हाल ही में जैसलमेर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष फलोदी-समदड़ी नई रेल लाइन की लंबे समय से लंबित मांग को मजबूती से रखने के बाद क्षेत्र में उम्मीदें फिर से जाग गई हैं। वर्षों से अटकी यह परियोजना अब धरातल पर आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होती है।

सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत थानवी सहित अन्य ने भी इस मांग को प्रबल समर्थन देते हुए जनप्रतिनिधियों के समक्ष रेल लाइन की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 162 किलोमीटर लंबी यह प्रस्तावित लाइन मरुस्थलीय इलाके के आर्थिक, सामाजिक तथा सामरिक विकास की धुरी बन सकती है।

थानवी के अनुसार इस रेल मार्ग के बन जाने से जोधपुर से पंजाब, जम्मू-कश्मीर तथा कांडला बंदरगाह तक एक नया वैकल्पिक कॉरिडोर तैयार होगा। इससे मालगाड़ियों पर दबाव कम होगा, माल परिवहन का समय व लागत दोनों घटेंगे। साथ ही पचपदरा कांडला-भटिंडा के बीच मजबूत रेल नेटवर्क विकसित होने से क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर आवाजाही और व्यापार को बड़ा संबल मिलेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि इस लाइन से कई प्रमुख रेल मार्गों की दूरी कम होगी, जिनमें मुंबई-अहमदाबाद मार्ग भी शामिल है। विशेष रूप से फलोदी, जैसलमेर और बीकानेर के यात्रियों के लिए यह लाइन गेम चेंजर साबित होगी नई लाइन के माध्यम से वे मात्र 7 से 9 घंटे में अहमदाबाद पहुंच सकेंगे, जो वर्तमान यात्रा समय की तुलना में बड़ा सुधार होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि फलोदी-समदड़ी रेल लाइन का निर्माण न केवल मरुस्थलीय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी देश के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इसके साथ ही इस रूट पर इंटरसिटी रेल सेवा शुरू होने की संभावना से व्यापार, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े यात्रियों को तेज व भरोसेमंद सुविधा मिलने की उम्मीद है।

FROM AROUND THE WEB