PM E-Bus Rajasthan : मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पूछा- कितने यात्री, कितनी कमाई? निजी बस ऑपरेटरों को भी ई-बसों के लिए प्रेरित करो
Rudra News Express Jaipur.
राजस्थान में पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत आठ शहरों में 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई। इनमें से अब तक 250 की डिलीवरी हो चुकी है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें बीकानेर सहित सभी आठ शहरों में ई-बसों के सुचारु संचालन, बस डिपो, चार्जिंग सुविधाओं और यात्रियों की संख्या के साथ किराये से होने वाली आय की समीक्षा पर जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने वी श्रीनिवास ने निर्देश दिए कि योजना से जुड़े लंबित कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं और बस डिपो में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं समय पर विकसित की जाएं। उन्होंने ई-बस सेवा के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (केपीआई) तय करने और स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

इन 8 शहरों को मिलीं ई-बसें :
पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के आठ शहरों के लिए कुल 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। इनमें जयपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, अजमेर, अलवर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर शामिल हैं। अब तक 250 बसों की डिलीवरी हो चुकी है।
CS ने पूछा- कितने यात्री, कितनी कमाई?
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत अब तक यात्रा करने वाले यात्रियों की कुल संख्या, प्रतिदिन औसतन सफर करने वाले यात्रियों और यात्री किराये से प्राप्त आय की जानकारी जुटाई जाए। इन आंकड़ों के आधार पर ई-बस सेवा के संचालन की प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा। उन्होंने जयपुर में संचालित सरकारी और निजी बसों की संख्या, उनकी कार्यप्रणाली तथा निगरानी व्यवस्था की भी जानकारी ली। साथ ही, विभिन्न बस सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन वाले स्थानों पर ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) को क्रियाशील करने के निर्देश दिए।
प्राइवेट ऑपरेटर भी E-Bus चलाएं :
मुख्य सचिव ने निजी बस संचालकों को इलेक्ट्रिक बसों की ओर स्थानांतरित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य ई-बस सेवा का विस्तार करना और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। योजना के क्रियान्वयन में आ रही आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी बाधाओं पर भी चर्चा हुई। जयपुर के टोडी डिपो में बिजली कनेक्शन से संबंधित लंबित कार्य, विभिन्न स्वीकृत स्थानों पर बस डिपो के लिए भूमि की उपलब्धता और इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग सुविधाएं विकसित करने के मुद्दे बैठक में उठे।
अधिकारियों ने दिया फीडबैक :
स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रवि जैन ने स्वीकृत बसों और प्रस्तावित डिपो के लिए विभिन्न स्थानों पर आवश्यक भूमि की जानकारी दी। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) और निजी बसों की कार्यप्रणाली तथा निगरानी व्यवस्था के संबंध में भी बताया। मीटिंग में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन, ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा, वित्त (व्यय) विभाग की शासन सचिव डॉ. टीना सोनी, परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

