पूनरासर मंदिर में भक्तों की कतार, सेरूणा से धाम तक जय-जयकार
Rajaldo Bohra
RNE Special.
निज मंदिर से लेकर दूर तक भक्तों की लंबी कतार। लगातार लग रहे जैकारे "पू..न..रा...सर बाबे की जै।" उमस से बेहाली के बावजूद बाबा के दर्शन की उम्मीद बढ़ा रही उत्साह। यह उत्साह कई बात इतना बढ़ जाता है कि "रामा रामा रामा, कूद पड़े हनुमाना" उद्घोष लगाते नाचने लगते है।
यह नजारा है राजस्थान के बीकानेर जिले में भरे पूनरासर हनुमानजी मेले का।
निज मंदिर में लगातार हो रही जोत के साथ बाबा के दर्शन कर धन्य होते श्रद्धालु परिक्रमा की ओर बढ़ रहे हैं। दूसरी ओर खेजड़ी वाले धाम के आगे शीश झुकने के साथ ही मन्नत के धागे और हाथ में मौली बांधी जा रही है। इसके पास ही गूंज रही है अखंड रामायण पाठ की चौपाइयाँ।
पूनरासर पारायण समिति की ओर से भादवा मेले के मौके पर इस बार लगातार 60वीं बार अखंड रामायण पाठ किया जा रहा है। मानस चौकी पर चल रही चौपाइयों के बीच अध्यक्ष राजकुमार व्यास, संयोजक नरेश पुरोहित, रामचन्द्र आचार्य आदि व्यवस्थाओं को भी देख रहे हैं।
इन सबके बीच जगह-जगह दिख रहे "जगरे"। जगरे गोबर के उपलों से बने वे अलाव है जिनमें बाबा को भोग लगाने के लिए बाटी सिक रही है। सिकी हुई बाटी का चूरमा बना उसमें घी उंडेला जा रही है। इससे उठने वाली खुशबू पूरे माहौल में छाई है।
ऐसे ही दृश्य को देखकर पूनरासर हनुमानजी का सबसे ज्यादा गाया-सुना जाने वाला नवदीप बीकानेर का भजन जेहन में घूमने लगता है : "आवै चूरमे री महकार, च्यारों खानी जय-जैकार।"
दूसरी ओर जयपुर रोड पर सेरूणा से पूनरासर की ओर जाने वाले रास्ते पर गाड़ियों की कतार लगी है। ठसाठस भरी बसों की आवाजाही हो रही है। कभी बूंदा-बांदी तो कभी हलकी धूप के बीच उमस का मौसम बना है। इसके बावजूद उत्साह में कमी नहीं है। पुजारी परिवार से जुड़े बजरंग लाल बोथरा कहते हैं, बाबा के भक्तों में उत्साह की कमी नहीं है। पुजारी परिवार और ट्रस्ट भी अपनी ओर से हर संभव सहयोग, सेवा कर रहा है।
पुजारी ट्रस्ट देता है प्रसाद सामाग्री :
पूनरासर धाम में बनने वाले बाबा के "बजरंग रोट" बनाने में पुजारी ट्रस्ट की ओर से सामाग्री का योगदान दिया जाता है। इसमें आता, शक्कर, घी शामिल है। प्रतीकात्मक रूप से यह सामाग्री लेकर अपनी ओर से लायी गई सामग्री में मिलाई जाती है। इसके बाद बनने वाले चूरमे का भोग हनुमानजी को लगाया जाता है।