Rajasthan Hailstorm : राजस्थान के इस क्षेत्र में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि, तापमान में आई भारी गिरावट
राजस्थान के बहरोड़ क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि होने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और शीतलहर की चपेट में पूरा क्षेत्र आ गया। यह सीजन की दूसरी मावठ रही। इससे पहले 1 जनवरी को बारिश हुई थी। वहीं बानसूर के मोटूका व हरसौरा क्षेत्र में बारिश के साथ ओले भी गिरे। यहां करीब 10 से 15 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे।
इसके बाद दिनभर ठंडी हवाएं चली। इससे तापमान में 1 डिग्री गिरावट दर्ज हुई। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री व अधिकतम तापमान 16 डिग्री दर्ज हुआ। बारिश के बाद दिनभर खेतों पर हल्की कोहरे की चादर बनी रही। किसान सुरेश यादव, रामनिवास यादव, शेरसिंह ने बताया कि इस समय हुई बरसात से रबी की फसलों को फायदा होगा। लेकिन, जहां ओले गिरे हैं। वहां फसलों को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के साथ क्षेत्र में आने वाले 3-4 दिन घना कोहरा छाने की संभावना है। अगले दो दिन में तापमान भी 4 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
राजस्व अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण किया
हरसौरा: कस्बे सहित आसपास के गांवों में चने के आकार के ओले गिरे। ओले गिरने से किसान चिंतित हैं। किसानों ने बताया कि ओलों से फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों की सूचना के बाद राजस्व विभाग की टीम ने बामनवास, नारोल, बावली का बास, धीरपुर और हरसौरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में खेतों का दौरा किया। इस दौरान गेहूं, सरसों, चना सहित अन्य रबी फसलों की स्थिति का जायजा लिया।
नायब तहसीलदार पवनेश कुमार शर्मा ने फसलों में नुकसान की आशंका को लेकर तत्काल निरीक्षण कराया। हालांकि अभी प्रत्यक्ष रूप से कोई नुकसान सामने नहीं आया है। इस दौरान कानूनगो शिवराज सिंह, पटवारी महेश मीणा सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
बानसूर : कस्बे में गुरुवार सुबह हल्की बारिश
निंभोर : क्षेत्र में सुबह कुछ मिनटों तक हुई। वहीं मोठ्का सहित आस-पास के गांवों में करीब 10 मिनट तक ओले गिरे। इससे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई। पूरे दिन गलन भरा मौसम रहा। तेज सर्दी की वजह से बाजार देर से खुले। दोपहर में भी सर्दी से राहत नहीं मिली। शाम होते ही सर्दी बढ़ गई। हल्की बारिश हुई। इसके बाद पूरे दिन शीतलहर चली और कोहरा छाया रहा। कोहरे जनजीवन प्रभावित हुआ।
किसानों ने बताया कि हल्की बारिश से गेहूं और सरसों सहित रबी फसलों को फायदा होगा और नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार में मदद मिलेगी। कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता कम रही। इससे सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी रही।
नमी से फसलों को होगा फायदा
सदर्दी के मौसम में होने वाली मावठ रबी फसलों के लिए काफी फायदेमंद रहती है। इससे गेहूं, सरसों, चना व जौ जैसी फसलों को प्राकृतिक सिंचाई मिलती है और खेतों में नमी बनी रहती है। मावठ से तापमान संतुलित रहता है। इससे फसलों के पौधों की ग्रोथ अच्छी होती है। साथ ही जमीन की उर्वरता बढ़ती है और उत्पादन में इजाफा होने की संभावना रहती है।

