Rajasthsn : राजस्थान के पूर्व मंत्री महेश जोशी की मुश्किलें बढ़ी, राज्यपाल ने अभियोजन स्वीकृति दी
RNE Jaipur.
जल जीवन मिशन में घोटाले के आरोप झेल रहे पूर्व मंत्री महेश जोशी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पूर्व मंत्री महेश जोशी के विरुद्ध धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के अंतर्गत प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित होने पर अभियोजन स्वीकृति प्रदान की है।
राज्यपाल बागडे ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 197(1) (बी.एन. एस.एस 2023 की धारा 2018) के अंतर्गत श्री महेश जोशी के विरुद्ध धारा 3 व सपठित धारा 4 धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 तथा प्रकरण के तथ्यों पर जो भी अभियोग बनते हों, के लिए सक्षम न्यायालय में अभियोग चलाए जाने हेतु स्वीकृति प्रदान की है।
जानिए क्या है मामला
जोशी पर आरोप है कि उन्होंने जल जीवन मिशन में कथित रूप से बड़े स्तर पर अनियमितताओं को संरक्षण दिया। ED की जांच में आरोप लगाया गया कि कुछ ठेकेदारों और अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अवैध धन अर्जित किया गया । इस धन को विभिन्न माध्यमों से सफेद किया गया।
इसी आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर, कमीशनखोरी और फर्जी बिलिंग के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया। अवैध आय को रिश्तेदारों, सहयोगियों और विभिन्न फर्मों के जरिए निवेश और संपत्ति में बदला गया।

