Rajasthan : नियुक्ति धांधली में फंसे कुलगुरु देवस्वरूप को राज्यपाल हरिभाऊ ने पद से हटाया
जांच में फर्जी दस्तावेज और मनमानी चयन प्रक्रिया उजागर
RNE Jaipur.
राजस्थान के विश्वविद्यालयी तंत्र में नियुक्तियों की पारदर्शिता पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। नियुक्तियों में कथित धांधली, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और चहेते अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के आरोपों में बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलगुरु और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. देवस्वरूप को पद से हटा दिया गया है।
राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद यह सख्त कार्रवाई की। आदेश राज्य सरकार के परामर्श से जारी किए गए।
SC वर्ग की महिला ने खोली धांधली की परतें :
पूरा मामला तब सामने आया जब जयपुर की डॉ. प्रेमलता सिंगारिया ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिला होने के बावजूद उन्हें चयन प्रक्रिया में जानबूझकर कम अंक दिए गए, जबकि चहेते उम्मीदवारों को इंटरव्यू में अत्यधिक अंक देकर नियुक्तियां दी गईं।

शिकायत के अनुसार राजस्थान विश्वविद्यालय में वर्ष 2011-12 और 2013-14 की चयन प्रक्रिया में UGC नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से भर्ती की गई।
इंटरव्यू में चहेतों को 49 नंबर तक!
राज्यपाल ने मामले की जांच के लिए कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की। जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
रिपोर्ट के अनुसार योग्य अभ्यर्थियों के रिसर्च पेपर्स और शैक्षणिक रिकॉर्ड को नजरअंदाज किया गया, जबकि पसंदीदा उम्मीदवारों को इंटरव्यू में 50 में से 49 अंक तक दे दिए गए। वहीं शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमलता सिंगारिया को बेहद कम अंक देकर चयन से बाहर कर दिया गया।
फर्जी मिनिट्स और जाली दस्तावेज तक बनाए :
जांच में सामने आया कि चयन प्रक्रिया के दौरान नियम विरुद्ध बैठकें आयोजित की गईं और उनके मिनिट्स भी प्रचलित प्रक्रिया से हटकर तैयार किए गए। रिपोर्ट में कूटरचित, जाली और झूठे दस्तावेज बनाए जाने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए लागू आरक्षण और अन्य प्रावधानों की भी अनदेखी किए जाने के आरोप सही पाए गए।
राज्यपाल का सख्त संदेश :
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने प्रो. देवस्वरूप को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए विश्वविद्यालयी नियुक्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश दिया है। इसके साथ ही राजुवास, जोबनेर के कुलगुरु प्रो. त्रिभुवन शर्मा को बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय और हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एन.के. पाण्डेय को विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

