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Rajasthan "मुकाबला 2026" : BJP v/s Congress में वर्चस्व की जंग, जो जीता वो होगा 2028 का सिकंदर

 

RNE Special. Bikaner (Rajasthan)
 

वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी’ एक साल लंबा स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद एक बार फिर Rudra News Express यू-ट्यूब चैनल के जरिये पाठकों-श्रोताओं-दर्शकों के सामने आ रहे हैं। ‘मधुमत’ में हर सप्ताह गुरुवार को एक बार फिर उनके निरपेक्ष विश्लेषण और विचारोत्तेजक टिप्पणी से आप हो सकते हैं रूबरू। यह और ऐसे ही तथ्यपरक, रोचक, विश्लेषण, समाचार व अन्य सामग्री जानने के लिए सब्सक्राइब कर लीजिये ‘Rudra News Express’ यू ट्यूब चैनल। फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फॉलो कर भी आप ले सकते हैं इन विचारों का लाभ। 

‘मधुमत’ के इस अंक में वे राजस्थान में निकाय एवं पंचायती राज चुनाव के आगाज और इसमें पर्दे के पीछे की सियासत पर मधु आचार्य "आशावाद" डाल रहे हैं पत्रकारीय दृष्टि। निर्वाचन विभाग ने वोटर लिस्ट बनाने से लेकर इसमें तैनात अधिकारियों को स्थानांतरित नहीं करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही वोटरलिस्ट के काम से जुड़े अधिकारियों को छोड़ जो अधिकारी तीन साल से एक ही जिले में जमे या गृह जिले में तैनात है उनको तुरंत हटाने का निर्देश भी दिया है।

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वार्डों, पंचायतों के पुनर्गठन का प्रारूप जारी हो गया है। इस पर आपत्तिया मांगे जाने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। सरकार पर राजनीतिक लाभ लेने के लिए मनमर्जी से सीमांकन करने का आरोप लग रहा है। प्रशासन इसे पूरी तरह तार्किक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहतर बता रहा है। कई जगह विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं।
 

इस बीच भाजपा-कांग्रेस के नेताओं, पार्टियों की सक्रियता के पीछे के संकेत भी मिलने लगे हैं। पार्टियों के भीतर चल रही उथल-पुथल और प्रतिद्वंद्वी से मुकाबले की रणनीति बनने लगी है। हर गांव तक और शहर के हर वार्ड तक इन चुनावों की गूंज है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह चुनाव 2028 के विधानसभा की रिहर्सल होगा। इसमें जो जीता वह 2028 के नतीजों को अपने पक्ष में करने की क्षमता बढ़ाएगा। जाहिर है कि कांग्रेस-भाजपा में वर्चस्व की जंग शुरू हो चुकी है। इसी जंग पर मधु आचार्य ‘आशावादी’ की यह विश्लेषणात्मक दृष्टि केन्द्रित है।
 

पिछले चुनाव से पूरी तरह बदला परिदृश्य : 
 

पिछले चुनाव तक राजस्थान में 33 जिला परिषद, लगभग 352 पंचायत समितियां, और 11,341 से 11,348 ग्राम पंचायतें थी। 
 

अब राजस्थान के 41 जिले हो गए मतलब इतने ही जिला परिषद हो गए और यहा जिला प्रमुख चुने जाएंगे। इसके साथ ही पिछले 85 नई पंचायत समितियां बनाने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। पहले प्रदेश में 365 पंचायत समितियां थीं, अब 85 नई बनने के बाद 450 पंचायत समितियां हो गई हैं।
 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चुनाव 15 अप्रेल तक हो : 
 

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से कहा है कि वह पंचायत-निकाय चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर कराए और पूरी प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 तक पूर्ण करें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमला बागची की पीठ ने यह टिप्पणी रेवेन्यू गांव सिंहानिया और अन्य ग्रामीणों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज करते हुए की। पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के आदेश को चुनौती देने वाली पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि सरकार तय समय-सीमा में चुनाव संपन्न करवाएं।

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