राजस्थान सरकार में मंत्री के बेटे निर्दलीय चुनाव लड़ रहे, बोले-बीजेपी के सिंबल से लोगों को एलर्जी!
Rudra News Express Jaipur.
राजस्थान के पंचायती राज चुनाव में उतरे एक ऐसा प्रत्याशी मैदान में उतरा है जिसके बयानों से बीजेपी की जमकर फजीहत हो रही है और कांग्रेस को सरकार-भाजपा पर हमलावर होने का मौका मिल रहा है। यह प्रत्याशी भजनलाल सरकार के मंत्री झाबरसिंह खर्रा के बेटे दुर्गासिंह खर्रा।
दुर्गासिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है। यहाँ तक बात ठीक है लेकिन भाजपा की परेशानी उनके एक बयान से बढ़ रही है। सरकार में मंत्री पिता होते हुए भी भाजपा का टिकट नहीं लेकर निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने के सवाल पर दुर्गासिंह ने कहा है कि लोग भाजपा के सिंबल से एलर्जी करते हैं। इसलिए मैने भाजपा से टिकट नहीं मांगा और कार्यकर्ताओं के कहने पर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरा। खर्रा ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में यह बात कही।
पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस मसले पर भाजपा को घेरा है। पायलट ने तंज कसा-"जब मंत्री के बेटे को ही भाजपा के सिंबल पर वोट मिलने का भरोसा नहीं है, तो जनता कैसे भरोसा करेगी इस पार्टी का।"
दरअसल राजस्थान की चुनावी कुश्ती में कई नेताओं, विधायकों, मंत्रियों के रिश्तेदार उतरे हैं। इनमें सीकर जिले में मंत्री झाबर सिंह खर्रा का लगभग पूरा कुनबा ही मैदान में उतर आया है। सीकर जिले की श्रीमाधोपुर पंचायत समिति में मंत्री की पत्नी शांति देवी ने वार्ड संख्या 17 से भाजपा के टिकट पर नामांकन दाखिल किया है। उनके छोटे बेटे अजय सिंह खर्रा ने वार्ड संख्या 20 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा है।
इससे दो दिन पहले मंत्री के बड़े बेटे दुर्गा सिंह खर्रा वार्ड संख्या 19 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर चुके हैं। ऐसे में श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के तीन वार्डों में खर्रा परिवार के सदस्य चुनावी मैदान में हैं। इनमें दो भाजपा के टिकट पर हैं, जबकि बड़े बेटे ने निर्दलीय रास्ता चुना है। मंत्री के करीबी रिश्ते में भाई की पत्नी भी चुनाव में निर्दलीय के तौर पर उतरी है।

