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Jodhpur News : जोधपुर की सुरक्षा होगी हाईटेक, बंद मकानों पर भी पुलिस की रहेगी नजर

जोधपुर शहर के लोगों को कड़ी सुरक्षा देने के लिए राजस्थान पुलिस ने प्लान तैयार कर लिया है
 

जोधपुर शहर के लोगों को कड़ी सुरक्षा देने के लिए राजस्थान पुलिस ने प्लान तैयार कर लिया है। जोधपुर शहर में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट अब हर गली-मोहल्ले तक अपनी 'तीसरी आंख' पहुंचाने जा रहा है। इसके तहत निजी घरों और संस्थानों के करीब 15 हजार सीसीटीवी कैमरों को अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है।

इस पहल के बाद पुलिस की निगरानी केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि घरों के बाहर और मोहल्लों में भी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इसे अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

कमिश्नरेट क्षेत्र के 29 पुलिस थानों (महिला और पर्यटन थाने को छोड़कर) को इस योजना में शामिल किया गया है। प्रत्येक शहरी थाने को 500 और ग्रामीण थानों को 300 घरों के सीसीटीवी कनेक्ट करने का लक्ष्य दिया गया है। सरकारी कार्यालयों में शुरुआत के तौर पर महात्मा गांधी और मथुरादास माथुर अस्पताल के 15-15 सीसीटीवी अभय कमांड से कनेक्ट किए गए हैं। इससे पुलिस अब हर समय इन अस्पतालों की गतिविधियों पर नजर रख सकेगी।

यों होंगे कनेक्ट

निजी सीसीटीवी कैमरों को नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर्स के जरिए अभय कमांड से जोड़ा जाएगा। पुलिस को इन कैमरों की मॉनिटरिंग का एक्सेस मिलेगा, जिससे कंट्रोल रूम और संबंधित थाने दोनों स्तर पर निगरानी संभव होगी। अभय कमांड के नेटवर्क में नए फीचर एड करने के लिए तकनीकी टीम जुटी हुई है।

निजी घरों के साथ-साथ सरकारी कार्यालय भी अभय कमांड से कनेक्ट होंगे। सरकारी कार्यालयों में राजनेट नेटवर्क सिस्टम संचालित है। यह नेटवर्क वॉयस, वीडियो और डेटा कनेक्टिविटी प्रदान करता है। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें भी इससे जुडी हुई है।

कोई भी व्यक्ति अपने घर के सीसीटीवी का एक्सेस पुलिस को दे सकेगा। इसमें कितने और कौन-कौन से कैमरों का पुलिस के पास एक्सेस होगा, यह मकान मालिक तय करेगा। इस व्यवस्था में मकान मालिक अपनी सुविधा के अनुसार तय करेगा कि कौन-कौन से कैमरों का एक्सेस पुलिस को देना है। इससे निजता और सुरक्षा दोनों का संतुलन बना रहेगा।

क्या होगा फायदा

शहर छोड़कर जाने वाले लोग राजकोप ऐप के जरिए अपने बंद मकान की जानकारी पुलिस को दे सकेंगे। मकान कितने दिन बंद रहेगा, इसकी सूचना मिलने पर अभय कमांड और बीट प्रभारी संयुक्त रूप से निगरानी रख सकेंगे।

अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के एडीसीपी नरेन्द्र चौधरी का कहना है कि इस सिस्टम के लागू होने के बाद चोरी, लूट और अन्य अपराधों की रोकथाम में तेजी आएगी। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आरोपियों की पकड़ आसान हो जाएगी।

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