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Stone Mart Jaipur  :  डायमेंशनल स्टोन्स,  रेयर अर्थ एलिमेंट, गोल्ड, जिंक, लेड, मेटेलिक-नॉनमेटेलिक मिनरल्स प्रदर्शित

दुनियाभर से पहुंच रहे लोग रेगिस्तान में मिनरल्स की इतनी वैरायटी देख हैरान
मार्बल, ग्रेनाइट, सेंडस्टोन, कोटा स्टोन और क्वार्टजाइट की 40 वैरायटियां प्रदर्शित
राजस्थान दुनिया  का वह स्थान जहां चेजा पत्थर से रेयर अर्थ एलिमेंट तक के भण्डार
 

RNE Jaipur. 
 

JECC सीतापुरा जयपुर में चल रहे स्टोन मार्ट में राजस्थान सरकार के खान, भूविज्ञान एवं आरएसएमएम का पेवेलियन माइनिंग से जुड़ें लोगों के साथ ही स्टोनमार्ट में देश-विदेश के प्रतिभागियों के लिए इस लिए भी आकर्षण का केन्द्र बन रहा ह। यहां पर राजस्थान की धरा द्वारा उगले जाने वाले सभी तरह के माइंस और इससे जु़ड़ी संदर्भ सामग्री सेंपल और डिसप्ले प्रभावी तरीके से प्रस्तुत की गई है।
 

प्रमुख सचिव माइंस एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने पेवेलियन में प्रदर्शित 40 तरह के डायमेंशनल स्टोन्स सहित मेजर और माइनर मिनरल के एक-एक खनिज की विस्तार से जानकारी ली। रविकान्त ने स्टोनमार्ट का अवलोकन करने के बाद इसकी प्रस्तुति और संदर्भ सामग्री की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान की माइनिंग संपदा देश-दुनिया से रुबरु कराने में स्टोन मार्ट जैसे आयोजन उपयोगी सिद्ध होते हैं।
 

प्रमुख सचिव रविकान्त ने पेवेलियन में आने वाले प्रतिभागियों को प्रदेश की खनिज संपदा की उपलब्धता, संभावित भण्डार, गुणवत्ता और देश- विदेश में मांग के संबंध में विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए। राजस्थान देश दुनिया के उन प्रमुख स्थानों में है जहां चेजा पत्थर से लेकर आज के सबसे महत्वपूर्ण रेयर अर्थ एलिमेंट तक के प्रचुर भण्डार उपलब्ध है। यहां तक कि राजस्थान में सोना, चांदी, लेड, जिंग, तांबा, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस तक की खोज और खनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्टोन मार्ट देश दुनिया के प्रतिभागियों को राजस्थान की खनि संपदा से रुबरु कराने का बेहतर अवसर है।
 

इंडिया स्टोनमार्ट 2026 के लिए अधीक्षण खनिज अभियंता संजय सक्सैना को प्रभारी अधिकारी बनाया गया हैं। अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान एसएन डोडिया के नेतृत्व में राजस्थान की खनिज संपदा के प्रति प्रतिभागियों के उत्साह को जेईसीसी पर आयोजित स्टोनमार्ट में राज्य के माइंस एवं भूविज्ञान विभाग के पेवेलियन पर आसानी से देखा जा सकता है। 
 

देशी-विदेशी दर्शकों ने प्रदेश के डायमेंशनल स्टोन की बारीकी को समझने की कोशिश की है वहीं खनिज संपदा की विपुलता और विस्तृत रेंज को देखकर दांतों तले अंगूली दबाएं बिना नहीं रह रहे।
 

रेगिस्तान में विपुल खनिज संपदा और उसमें भी स्टोनमार्ट में प्रदर्शित सेंपल को देखकर लोगों में गजब का उत्साह देखा गया। स्टोन मार्ट में विभागीय पेवेलियन में प्रदेश में खनन किए जा रहे सभी 57 खनिजों के सेंपल्स प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही डायमेंशनल स्टोन की स्लेब्स भी प्रदर्शित करते हुए उनकी उपलब्धता की जानकारी दी जा रही है। राज्य में मेटेलिक, नोनमेटेलिक और फर्टिलाइजर केमिकल खनिज का भण्डार उपलब्ध है। एक ही प्रदेश में इतने प्रकार के खनिजों की वैरायटी देखकर अन्य प्रदेशों और विदेशों से स्टोनमार्ट में हिस्सा लेने आये प्रतिभागी अचंभित है।
 

अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी एसएन डोडिया के नेतृत्व में अधीक्षण भू वैज्ञानिक संजय सक्सैना, सुशील हुड्डा, दवेन्द्र सिंह, अमित मीणा, नवीन बाकोलिया की टीम देशी-विदेशी बायरों व जिज्ञासुओं का समाधान कर रही है तो  डिस्प्ले बोर्डस के द्वारा लोगों को सहज जानकारी उपलब्ध हो रही है। आरएसएमएम के वरिष्ठ प्रबंधक असीम अग्रवाल द्वारा रॉकफास्फेट, केमिकल मिनरल्स, लाइमस्टोन, लिग्नाइट आदि की जानकारी दी जा रही है। यही कारण है कि माइंस-आरएसएमएम के पेवेलियन पर एक एक मिनरल की विस्तार से जानकारी प्राप्त की जा रही है।

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