Rajasthan Electricity Theft : राजस्थान में बिजली चोरी रोकने के लिए सख्ती, डिस्कॉम की टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की
राजस्थान में डिस्कॉम की टीम ने बिजली चोरी रोकने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। डिस्कॉम की टीम ने बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। जहां पर बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है।
इसी कड़ी में जयपुर डिस्कॉम की विजिलेंस विंग ने दिल्ली रोड स्थित कुकस और अचरोल क्षेत्र में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात मामलों का खुलासा किया है।
जांच में पीजी हॉस्टल, पानी के टैंकर, जूस की दुकान, निर्माणाधीन मकान और आवासीय परिसरों में अवैध रूप से बिजली उपयोग किए जाने के मामले सामने आए। विजिलेंस टीम ने कुल 19.23 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
विजिलेंस विंग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेद्र कुमार शर्मा ने बताया कि एक निजी विश्वविद्यालय के पास स्थित जगदंबा बिहार में संचालित पीजी हॉस्टल में बिजली चोरी पकड़े जाने पर 9.39 लाख रुपए, जूस की दुकान पर 3.18 लाख रुपए तथा चोरी की बिजली से पानी के टैंकर संचालित करने के मामले में 3.40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं अचरोल के जनक विहार स्थित एक मकान में बिजली चोरी पर 1.70 लाख रुपए तथा एक निर्माणाधीन मकान पर 1.48 लाख रुपए का जुर्माना किया गया।
कार्रवाई से मची खलबली
एक ही क्षेत्र में बिजली चोरी के सात मामले सामने आने के बाद डिस्कॉम के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के बाद कई कार्मिक विजिलेंस मुख्यालय में संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जानकारी लेने में जुटे रहे। कुछ अधिकारियों द्वारा मोबाइल फोन बंद कर लेने की भी चर्चा रही।
जयपुर ग्रामीण बना नया हॉटस्पॉट
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार करौली और धौलपुर के बाद अब जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र भी बिजली चोरी के बड़े केंद्र बनते जा रहे है। यहां दुग्ध समितियों, छोटे उद्योगों, कारखानों और बर्फ फैक्ट्रियों में चोरी की बिजली के उपयोग की शिकायतें लगातार सामने आ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में विजिलेंस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

