राजस्व में ‘तबादला युद्ध’: बोर्ड की सूची पर विभाग ने लगाई रोक, फिर अपनी सूची जारी कर दी
Rudra News Express Ajmer-Jaipur.

राजस्थान में प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव से पहले तबादलों को लेकर सरकार के ही दो महत्वपूर्ण राजस्व संस्थानों के आदेश आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ राजस्व मंडल, अजमेर ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की बड़ी तबादला सूचियां जारी कर अधिकारियों को तत्काल नए पद पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ राजस्व विभाग, जयपुर ने उन्हीं राजस्व मंडल के आदेशों की क्रियान्विति पर तत्काल रोक लगा दी। इसके साथ ही विभाग ने उसी दिन तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की अपनी अलग तबादला सूचियां जारी कर उनकी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए।
बोर्ड ने कहा उधर जाइए, विभाग बोला-उनके कहने से नहीं हमारे कहने से जाइए :
यानी एक ही सरकार में तबादलों की फाइल दो रास्तों पर चलती दिखाई दी—राजस्व मंडल ने कहा ‘जाइए’, राजस्व विभाग ने कहा ‘रुकिए’; फिर विभाग ने कहा ‘अब हमारी सूची के मुताबिक जाइए’।चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों में खूब चर्चा पैदा कर दी है।
पहले मंडल की बारी— 157 तहसीलदारों , 47 नायब तहसीलदारों के तबादले
राजस्व मंडल, राजस्थान, अजमेर की ओर से 16 अगस्त को तहसीलदारों की तबादला/पदस्थापन सूची जारी की गई। मंडल के आदेश में प्रशासनिक कारणों और राज्यहित का हवाला देते हुए अधिकारियों को नए स्थानों पर पदस्थापित किया गया। उपलब्ध मंडल आदेश में तहसीलदारों की सूची 157 क्रमांक तक जाती है। इसी तरह नायब तहसीलदारों की अलग सूची में 47 अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन किए गए हैं।
मंडल की तहसीलदार सूची में प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों को छूने वाले तबादले हैं। उदाहरण के तौर पर बीकानेर में पदस्थ तहसीलदार अंकित मिमानी को रतनगढ़, चूरू भेजा गया। बीकानेर के वन बंदोबस्त अधिकारी अनूपा राम को तारानगर तहसीलदार लगाया गया। बीकानेर भू-अभिलेख से जुड़े अवतार सिंह को गजसिंहपुर में पटवार ट्रेनिंग स्कूल का प्रधानाध्यापक बनाया गया। इसी सूची में बज्जू से नितिन पुरोहित को श्रीगंगानगर के सादुलशहर भेजा गया।
सूची में जयपुर, अजमेर, टोंक, दौसा, बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, भरतपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जालौर, सिरोही, जैसलमेर, नागौर, पाली, राजसमंद सहित तमाम जिलों के अधिकारी शामिल हैं। अंतिम पृष्ठ पर क्रमांक 161 से 164 तक भी तबादले दर्ज हैं।

नायब तहसीलदारों में 47 अधिकारी इधर से उधर :
राजस्व मंडल की नायब तहसीलदार सूची में आनंद कुमार, अर्जुन सिंह राठौड़, भावना राजपुरोहित, छैल सिंह, धीरेन्द्र, दिनेश चन्द्र चौरसिया, गिरिराज प्रसाद मीणा, गोपाल कृष्ण मेघवाल, हजारा राम, हनुमान सहाय सहित 47 अधिकारियों के तबादले किए गए। सूची में कई पद रिक्त स्थानों पर भरे गए, जबकि कई अधिकारियों को दूसरे अधिकारियों के स्थान पर पदस्थापित किया गया।
मंडल ने केवल तबादला आदेश जारी करके मामला खत्म नहीं किया। आदेश में कहा गया कि प्रस्तावित नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनावों को देखते हुए अधिकारियों को वर्तमान पद से कार्यमुक्त किया जाए और वे बिना कार्यग्रहणकाल अथवा अवकाश का उपयोग किए तत्काल नए पद का कार्यभार संभालें। संबंधित जिला कलेक्टरों को भी बिना रिलीवर का इंतजार कराए अधिकारियों को नए पद पर कार्यग्रहण कराने के निर्देश दिए गए। आदेशों की पालना नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
इतना ही नहीं, मंडल के आदेश की प्रतिलिपि राजस्व मंत्री के विशेष सहायक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्व मंडल के अध्यक्ष, राजस्व विभाग के शासन उप सचिव, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों तक भेजी गई। साथ ही निर्वाचन विभाग के 21 जुलाई और 11 अगस्त 2026 के आदेशों में दिए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा गया।
..लेकिन जयपुर से आया ‘ब्रेक’!
राजस्व मंडल के इन आदेशों के जारी होने के बाद कहानी ने अचानक मोड़ लिया। राजस्व विभाग, जयपुर ने 16 अगस्त को शासन उप सचिव हरि सिंह मीणा के हस्ताक्षर से आदेश जारी कर दिया। इस आदेश में राजस्व मंडल, अजमेर द्वारा 16 अगस्त को जारी तहसीलदारों के स्थानांतरण/पदस्थापन आदेश क्रमांक 7284 और नायब तहसीलदारों के आदेश क्रमांक 7536 की क्रियान्विति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।
अब हमारे आदेश की पालना करो : राजस्व विभाग
यहां तक तो सरकार के भीतर किसी आदेश की समीक्षा या रोक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मानी जा सकती थी। लेकिन असली दिलचस्पी इसके अगले हिस्से में है।
राजस्व विभाग ने रोक लगाने के साथ ही कहा कि अब राजस्व विभाग के उसी दिन जारी अलग आदेशों के अनुसार तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के स्थानांतरण/पदस्थापन की पालना की जाए और इसकी जानकारी शासन को दी जाए। यानी मंडल की सूची पर ब्रेक लगाने के साथ विभाग ने अपनी सूची को प्रभावी कर दिया।
### विभाग की सूची में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल
राजस्व विभाग की ओर से जारी तहसीलदारों की सूची में मंडल की सूची के मुकाबले 7 तहसीलदार अधिक हैं। विभाग की सूची में अब्दुल हफीज को पंचपहाड़ से बारां भू-अभिलेख तहसीलदार, अजीतपाल सिंह यादव को टोंक से शाहपुरा, अमर सिंह मीणा को एसडीएमयू/सवाई माधोपुर से जयपुर विकास प्राधिकरण और अंकित कुमार को डीग से बसवा भेजा गया है।
इसी सूची में बीकानेर से जुड़े कई नाम भी हैं। अंकित मिमानी को बीकानेर से रतनगढ़, अनूपा राम को बीकानेर वन बंदोबस्त अधिकारी पद से तारानगर और अवतार सिंह को बीकानेर भू-अभिलेख से गजसिंहपुर भेजा गया है। विभाग की सूची आगे बढ़ते-बढ़ते 164 तक पहुंचती है।
नायब तहसीलदारों में मंडल से अलग तस्वीर :
राजस्व विभाग की नायब तहसीलदारों की सूची में 49 अधिकारियों के तबादले किये गए हैं। यानी यहां भी मंडल की 47 अधिकारियों वाली सूची से 02 अधिक पदस्थापन किए गए हैं। विभाग की सूची में आनंद कुमार, अर्जुन सिंह राठौड़ और भावना राजपुरोहित जैसे नाम शुरुआती क्रम में हैं, जबकि आगे बीकानेर, जैसलमेर, उदयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, दौसा, बारां, बांसवाड़ा, जयपुर, पाली और अन्य जिलों के अधिकारी शामिल हैं।
हैरानी की बात विभाग ने बस 10 नाम बढ़ाए, तबादला स्थान में फेरबदल नहीं :
राजस्व मंडल और राजस्व विभाग की तबादला सूचियों के मिलान में तहसीलदारों के 157 में से सभी 157 अधिकारी कॉमन है और नायब तहसीलदारों में 47 में से 46 अधिकारी कॉमन है। यानी कुल 203 अधिकारी दोनों सूचियों में समान हैं। इन कॉमन अधिकारियों में ऐसा कोई मामला नहीं मिला, जिसमें मंडल ने किसी अधिकारी को एक जगह भेजा हो और विभाग ने बाद में उसी अधिकारी को किसी दूसरी जगह पदस्थापित किया हो।
फर्क सिर्फ इतना है कि राजस्व मंडल ने 157 तहसीलदारों का तबादला किया जबकि राजस्व विभाग ने इसमें 07 नाम और जोड़ते हुए सूची 164 अधिकारियों की कर दी। इसी तरह मंडल ने 47 नायब तहसीलदारों की लिस्ट जारी की जिसे रोकते हुए विभाग ने 49 नाम कर दिया यानी दो नाम बढ़ा दिए। यहां एक फर्क यह भी आया कि मंडल की सूची में से विभाग ने एक नायब तहसीलदार का नाम हटा दिया। यानी ‘तबादला रोककर नई पोस्टिंग’ की जगह असल तस्वीर यह है कि ज्यादातर तबादले वही रहे, विभाग ने अपनी मुहर लगाते हुए सूची में कुछ नामों का इजाफा किया।

