New Rail Line : हरियाणा से राजस्थान के बीच में नई रेल लाइन के बाद सफर होगा सुपरफास्ट, जून माह के बाद 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेन
नई रेल लाइन को रेवाड़ी-नारनौल-फुलेरा तक बिछाया गया है
हरियाणा से राजस्थान के बीच में नई रेल लाइन बिछने के बाद सफर सुपरफास्ट होने वाला है। रेलवे विभाग द्वारा 13 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाकर रेवाड़ी-नारनौल-फुलेरा रेल मार्ग के दोहरीकरण किया गया है। कुंड से खोरी के बीच 13 किलोमीटर लंबे मार्ग के दोहरीकरण का कार्य 83 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुका है।
अभी तक इस रूट पर केवल सिंगल लाइन होने के कारण यात्री और मालगाड़ियों के आवागमन में काफी दबाव रहता था, लेकिन अब इस अड़चन को दूर कर लिया गया है। आगामी जून माह में इस नवनिर्मित लाइन का सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण प्रस्तावित है, जिसके दौरान ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाकर इसकी गुणवत्ता जांची जाएगी। सब कुछ सही रहने पर इसे तुरंत यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट रेवाड़ी को सीधे नारनौल, रींगस, अजमेर और अहमदाबाद से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण गलियारा बनकर उभरेगा। रेलवे के रोडमैप के अनुसार, कुंड से नारनौल तक का 30 किलोमीटर का हिस्सा पहले ही फरवरी में शुरू किया जा चुका है। अब कुंड-खोरी पैच के बाद अगला बड़ा लक्ष्य नारनौल से फुलेरा तक के 163 किलोमीटर मार्ग का दोहरीकरण है, जिसकी डीपीआर स्वीकृति के लिए भेजी जा रही है। फुलेरा से आगे का मार्ग पहले ही डबल हो चुका है, ऐसे में इस पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होते ही दिल्ली से रेवाड़ी होकर अहमदाबाद के लिए एक वैकल्पिक और छोटा रास्ता तैयार हो जाएगा।
वहीं रेवाड़ी से जयपुर फिर जयपुर से फुलेरा होकर अहमदाबाद जाने वाले रास्ते से यह रास्ता दिल्ली से रेवाड़ी फिर रेवाड़ी से फुलेरा तक दोहरीकरण से फुलेरा से अहमदाबाद जाने का छोटा रास्ता बनकर उभरेगा। जिससे फुलेरा, अजमेर, गुजरात सहित रींगस जाने वाली गाड़ियों को छोटा रास्ता मिलेगा।
रेलवे प्रशासन इस प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दे रहा है। के अनुसार, कुंड से खोरी के बीच का सिविल कार्य पूरा कर लिया गया है और अब जून में होने वाले सुरक्षा निरीक्षण की तैयारियां जारी हैं। रेलवे का लक्ष्य है कि यात्रियों को सुरक्षित और तीव्र परिवहन की सुविधा मिले। नारनौल से फुलेरा तक के अगले चरण की मंजूरी मिलते ही वहां भी काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा ताकि रेवाड़ी से गुजरात तक के इस पूरे बेल्ट को निबधि रेल कनेक्टिविटी मिल सके।
पूजा मित्तल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम), जयपुर डीविजन, उत्तर पश्चिम रेलवे

