अदब की बात : साहित्यकार जैसे दिखने वालों की बात ही कुछ और
RNE, BIKANER. उस समय की कांग्रेस सरकार का हमें शुक्रगुजार होना चाहिए कि जब राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर से पृथक करके राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी का स्वतंत्र गठन किया। उस सरकार का ज्यादा धन्यवाद इस कारण कि उसका मुख्यालय बीकानेर में रखा। शायद उनको इल्म होगा कि थोड़े समय मे ही बीकानेर राजस्थानी … Continue reading अदब की बात : साहित्यकार जैसे दिखने वालों की बात ही कुछ और
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