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पाठ्यक्रम में शामिल होगा नशा मुक्ति का भी पाठ, स्कूली शिक्षा से ही यह पाठ्यक्रम में शामिल होगा

RNE Bikaner.

प्रदेश में स्कूली शिक्षा के दौरान ही विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जायेगा। नशे के खिलाफ जन जागरूकता के लिए अब स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में ऐसा अध्याय जोड़ने का सुझाव दिया गया है।राज्य सरकार ने इस पर विचार शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने राज्य के शिक्षा विभाग को नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने पर ध्यान केंद्रित कर स्कूल के पाठ्यक्रम में नशीली दवाओं से खतरे के बारे में एक अध्याय जोड़ने के लिए कहा है।इस पत्र के संदर्भ में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने संयुक्त निदेशकों को नशे के खिलाफ जागरूकता की गतिविधियां आयोजित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही पाठ्यक्रम निर्धारण कमेटी के पास भी केंद्र सरकार के सुझाव पत्र को भेजा है। अभी आगामी शिक्षा सत्र के पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशन की कार्यवाही चल रही है।