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Monsoon : जम्मू-कश्मीर में 200 गाड़ियां बही, अमरनाथ-वैष्णोदेवी यात्रा रोकी, उत्तराखंड-हिमाचल में तबाही, राजस्थान में गर्मी, 22 से बीकानेर-जोधपुर संभाग में बारिश
 

 


Rudra News Express New Delhi-Jaipur. 

देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन जैसे हालात पैदा कर दिए हैं, जबकि राजस्थान के अधिकांश हिस्से अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दूसरी ओर राजस्थान में फिलहाल कमजोर मानसून की स्थिति बनी हुई है, लेकिन 22 जुलाई से पश्चिमी जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है।  

जम्मू-कश्मीर में 200 गाड़ियां बही : 

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिलों में लगातार हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अनेक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राजौरी में धारहाल नदी के उफान पर आने से न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए और 200 से अधिक वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। 

अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रोकी : 

खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद यात्राएं फिर शुरू की जाएंगी। 

उत्तराखंड और हिमाचल में हाई अलर्ट : 

उत्तराखंड के कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। वहीं हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में फ्लैश फ्लड से सांगला-छितकुल मार्ग बंद हो गया तथा आईटीबीपी कैंप तक मलबा पहुंच गया। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। 

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पूर्वोत्तर से गंगा के मैदानी इलाकों तक असर : 

उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, सिक्किम, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। प्रयागराज में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट जलमग्न हो गए हैं। असम में ब्रह्मपुत्र नदी उफान पर है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से डेढ़ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 

राजस्थान में अब भी बारिश का इंतजार : 

राजस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी राजस्थान अधिकांशतः शुष्क रहा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार अगले एक-दो दिन तक कमजोर मानसून की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 20-21 जुलाई से जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके बाद 22 से 28 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग सहित पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून सक्रिय होने की प्रबल संभावना है।  

बीकानेर संभाग में गर्मी बरकरार : 

बारिश की कमी के चलते पश्चिमी राजस्थान में उमस और गर्मी बनी हुई है। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर में भी अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

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