Monsoon 2026 : कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में जल्द दस्तक के संकेत
RNE New Delhi-Jaipur.
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के बड़े हिस्से में सक्रिय हो चुका है और इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक भारी वर्षा हो रही है, जबकि उत्तर भारत में भी मौसम तेजी से बदल रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दूसरी ओर राजस्थान में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और आगामी दिनों में मानसून के प्रवेश की संभावना मजबूत होती दिख रही है।

मुंबई में बारिश से बिगड़े हालात :
मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। अंधेरी का प्रमुख सबवे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कई सड़कों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि उपनगरीय और लंबी दूरी की रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

मौसम विभाग ने कोंकण और गोवा क्षेत्र में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मानसून कहाँ तक पहुंच चुका है?
मौसम विभाग के अनुसार मानसून देश के अधिकांश दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सक्रिय है। अगले कुछ दिनों में इसके झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट :
* कोंकण और गोवा
* तटीय कर्नाटक
* मध्य महाराष्ट्र
* असम और मेघालय
* उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम
* बिहार के कुछ हिस्से
* पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात बाधित होने, दृश्यता कम होने और कुछ स्थानों पर भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

उत्तर भारत में आंधी-बारिश :
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 जून तक आंधी, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान में कब पहुंचेगा मानसून?
राजस्थान में अभी मानसून ने आधिकारिक प्रवेश नहीं किया है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। झुंझुनूं जिले में सर्वाधिक 18 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि चूरू में 8.4 मिमी और अलवर में 4 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो मानसून अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से प्रवेश कर सकता है और फिर धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में सक्रिय होगा।

राजस्थान में तापमान की स्थिति :
बारिश और बादलों के असर से प्रदेश में गर्मी कुछ कम हुई है। पिछले 24 घंटों में कहीं भी हीटवेव दर्ज नहीं की गई।
प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान:
| शहर | तापमान |
| ----------- | ------ |
| बाड़मेर | 40.8°C |
| जैसलमेर | 40.8°C |
| बीकानेर | 40.8°C |
| करौली | 40.1°C |
| फलोदी | 40.0°C |
| चित्तौड़गढ़ | 40.0°C |
| जयपुर | 38.9°C |
| जोधपुर | 39.5°C |
सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरोही में 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों और आमजन के लिए चेतावनी :
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से जल निकासी की व्यवस्था करने, बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। तेज हवाओं और आंधी के कारण फसलों, पेड़ों तथा बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि देश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। जहां मुंबई और पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत मानसून की अगली दस्तक का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदल चुका है और आने वाले कुछ दिनों में मानसून की आधिकारिक एंट्री के साथ गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

