Rajasthan Weather : बीकानेर सहित राजस्थान के कई हिस्सों तेज मेघगर्जन और बारिश के आसार, अगले 4-5 दिन तक बना रहेगा असर
RNE Bikaner.
बीकानेर सहित राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने आज फिर शहर सहित पूरे संभाग के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। चेतावनी है कि तेज मेघगर्जन के साथ हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में सवाल सिर्फ मौसम का नहीं है, बल्कि यह भी है कि क्या बीकानेर इस बारिश के लिए तैयार है?

मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है। अगले चार से पांच दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना जताई गई है।

लेकिन इससे पहले हुई बारिश ने बीकानेर शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। कुछ घंटों की बारिश ने ही शहर की सड़कों को तालाब में बदल दिया। लगभग हर प्रमुख सड़क पर गड्ढों में पानी भर गया और लोगों का निकलना मुश्किल हो गया।
रानी बाजार अंडरब्रिज में पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई। नगर निगम कार्यालय के सामने जलभराव देखने को मिला। गिन्नाणी और हनुमान हथा जैसे इलाकों के लोग पानी निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे रहे कि पीबीएम अस्पताल, एसएसबी अस्पताल, रानी बाजार ओवरब्रिज के दोनों छोर, बांद्रा बास और गंगाशहर के निचले इलाकों में मामूली बारिश में ही पानी जमा हो गया।

अब जब मानसून की दस्तक से पहले ही शहर की यह स्थिति है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि मूसलाधार बारिश के दौरान हालात कैसे होंगे? शहरवासियों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली बारिश आते ही व्यवस्थाओं की वास्तविकता सामने आ जाती है।
इसके साथ ही अगर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पिछले 24 घंटों में राजस्थान में कहीं बारिश हुई, कहीं ओले गिरे और कहीं गर्मी का असर भी बना रहा। सबसे ज्यादा बारिश सीकर और दांतारामगढ़ में 5-5 सेंटीमीटर दर्ज की गई। पश्चिमी राजस्थान में सरदारशहर में भी 5 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। बीकानेर में 4.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि चूरू में 23.8 मिलीमीटर, जयपुर में 12.2 मिलीमीटर और नागौर में 8 मिलीमीटर वर्षा हुई। सीकर जिले में ओलावृष्टि भी हुई और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया।

बारिश से हालांकि गर्मी कम हुई है और प्रदेश में फिलहाल हीटवेव की स्थिति नहीं है, लेकिन जैसलमेर अब भी सबसे गर्म जिला बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान सीकर में 19.5 डिग्री और श्रीगंगानगर में 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दूसरी ओर मौसम और आपदा नियंत्रण विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

लेकिन बीकानेर के लिए जितनी बड़ी चुनौती आंधी और बारिश है उससे कहीं ज्यादा बड़ी चुनौती जलभराव और बदहाल सड़कें हैं। यहाँ खुले नाले पहले भी मानसून के दौरान जानलेवा साबित हो चुके हैं। आने वाले दिनों में अगर तेज बारिश होती है तो प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने की बड़ी परीक्षा होगी।

