South West Monsoon : 24 घंटे में केरल के तट से टकराएगा मानसून, 30 जून तक देशभर में छा जाएगा
RNE New Dehli.
भीषण गर्मी से जूझ रहे देशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब भारत में प्रवेश की दहलीज पर पहुंच चुका है और अगले 24 से 48 घंटों में केरल तट से इसकी औपचारिक दस्तक होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और यदि हवाओं का रुख अनुकूल रहा तो 30 जून तक पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगा।

मौसम विभाग ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। केरल के एर्नाकुलम, कोट्टायम, अलपुझा और त्रिशूर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
देशभर में बारिश और आंधी का अलर्ट :
आईएमडी ने 3 से 8 जून तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू किया गया है।
दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बीते 24 घंटे में कई राज्यों में झमाझम :
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में लक्षद्वीप में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात के कई हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश हुई। कई स्थानों पर 70 से 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधियां चलीं, जबकि राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई।
मछुआरों और किसानों के लिए चेतावनी :
मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों में ऊंची लहरों और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से सतर्क रहने को कहा गया है। निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका भी जताई गई है।
राहत की बारिश का इंतजार खत्म :
देश के अधिकांश हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी है। ऐसे में मानसून की दस्तक न केवल किसानों के लिए राहत लेकर आएगी बल्कि पेयजल संकट और गर्मी से जूझ रहे करोड़ों लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों और कृषि उत्पादन को भी मजबूती मिल सकती है।

