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देश के 35 प्रतिशत स्कूलों में 50 से भी कम बच्चे हैं, एक या दो शिक्षक, पीआरएस रिसर्च की रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा, हालत चिंताजनक

RNE Network

देश मे कम से कम 35 प्रतिशत स्कूल ऐसे हैं, जिनमे 50 या इससे कम विद्यार्थी है। इनमें से ज्यादातर स्कूलों में एक या दो शिक्षक ही है। ये बच्चों को सभी विषय पढ़ाते हैं।


यह खुलासा पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट में हुआ है। इससे पहले नीति आयोग की रिपोर्ट में बताया गया कि देश के 36 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में 50 से कम विद्यार्थी है, जबकि 10 प्रतिशत स्कूलों में इनकी संख्या 20 से भी कम है।

रिपोर्ट के तथ्य ये हैं:

रिपोर्ट के अनुसार छोटे स्कूलों में एक या दो शिक्षक को ही एक ही समय मे कई कक्षाओं व विषयों को पढ़ाना पड़ता है। इसके अलावा प्रयोगशाला, पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी स्कूलों में नहीं है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छोटे स्कूलों में शिक्षकों को प्रशासनिक जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। इस कारण पढ़ाने के लिए उनके पास समय सीमित ही बचता है।पेशेवर योग्यता भी नहीं:

रिपोर्ट के मुताबिक 2023-24 में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर के करीब 12 प्रतिशत शिक्षकों के पास पेशेवर शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। प्री प्राइमरी स्तर पर 48 प्रतिशत शिक्षक अयोग्य पाए गए। शिक्षकों की कमी झारखंड में 40 प्रतिशत, बिहार में 32 प्रतिशत, मिजोरम में 30 प्रतिशत और त्रिपुरा में 26 प्रतिशत पाई गई।