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पैथ लेब चलाते हैं तो अब नए एक्ट में पंजीकरण कराना जरूरी होगा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी किए

RNE Network

क्लिनिक एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अब प्रदेश की सभी पैथ लैब को भी स्थायी पंजीकरण कराना होगा। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों ( सीएमएचओ ) को आदेश जारी किए हैं।

जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण के तहत ये पंजीकरण किए जाएंगे। पैथ लैब संचालक को आवेदन के समय केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2018 और उसके बाद 2020 में जारी संशोधित अधिसूचना में तय मानकों के अनुरूप यहां सुविधाएं बतानी होगी।

इसके बाद प्राधिकरण 30 दिन में जनसाधारण से इसकी आपत्तियां मांगेगा। आपत्ति करने वाले व्यक्ति को प्राधिकरण के समक्ष लिखित आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। निदेशक जनस्वास्थ्य की ओर से जारी निर्देश के अनुसार पंजीकरण नहीं करवाने वाली लैब पर कार्यवाही की जायेगी। सभी सीएमएचओ को पंजीकरण और पंजीकरण नहीं करवाने वाली लैब की सूचना हर माह 5 तारीख तक निदेशालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।